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JUNIOR ENGINEERS (CIVIL, MECHANICAL, ELECTRICAL, and QUANTITY SURVEYING & CONTRACT) EXAMINATION

  Indicative Syllabus The standard of the questions in Engineering subjects will be approximately of the level of Diploma in Engineering (Civil/ Electrical/ Mechanical/Electronics) from a recognized Institute, Board or University recognized by All India Board of Technical Education. All the questions will be set in SI units. The details of the syllabus are given below:   Paper-I   (i) General Intelligence & Reasoning: The Syllabus for General Intelligence would include questions of both verbal and non-verbal type. The test may include questions on analogies, similarities, differences, space visualization, problem solving, analysis, judgement, decision making, visual memory, discrimination, observation, relationship concepts, arithmetical reasoning, verbal and figure classification, arithmetical number series etc. The test will also include questions designed to test the candidate’s abilities to deal with abstract ideas and symbols and their relationships, arithmetic...

भारतीय राष्‍ट्रीय कांग्रेस (आई एन सी) का गठन (Formation of Indian National Congress (INC)

  भारतीय राष्‍ट्रीय कांग्रेस (आई एन सी) का गठन - भारतीय राष्‍ट्रीय आंदोलन की नींव, सुरेन्‍द्र नाथ बनर्जी द्वारा 1876 में कलकत्‍ता में भारत एसोसिएशन के गठन के साथ रखी गई। एसोसिएशन का उद्देश्‍य शिक्षित मध्‍यम वर्ग का प्रतिनिधित्‍व करना, भारतीय समाज को संगठित कार्यवाही के लिए प्रेरित करना था। एक प्रकार से भारतीय एसोसिएशन, भारतीय राष्‍ट्रीय कांग्रेस, जिसकी स्‍थापना सेवा निवृत्‍त ब्रिटिश अधिकारी ए.ओ.ह्यूम की सहायता की गई थी, की पूर्वगामी थी। 1895 में भारतीय राष्‍ट्रीय कांग्रेस (आई एन सी) के जन्‍म से नव शिक्षित मध्‍यम वर्ग के राजनीति में आने के लक्ष्‍ण दिखाई देने लगे तथा इससे भारतीय राजनीति का स्‍वरूप ही बदल गया। भारतीय राष्‍ट्रीय कांग्रेस का पहला अधिवेशन दिसम्‍बर 1885 में बम्‍बई में वोमेश चन्‍द्र बनर्जी की अध्‍यक्षता में हुआ तथा इसमें अन्‍यों के साथ-साथ भाग लिया। सदी के बदलने के समय, बाल गंगाधर तिलक और अरविंद घोष जैसे नेताओं द्वारा चलाए गए "स्‍वदेशी आंदोलन" के मार्फत् स्‍वतंत्रता आंदोलन सामान्‍य अशिक्षित लोगों तक पहंचा। 1906 में कलकत्‍ता में आयोजित कांग्रेस अधिवेशन जिसकी अध्‍यक्षत...

जलियांवाला बाग नरसंहार (Jallianwala Bagh Massacre)

  जलियांवाला बाग नरसंहार - दिनांक 13 अप्रेल 1919 को जलियांवाला बाग में हुआ नरसंहार भारत में ब्रिटिश शासन का एक अति घृणित अमानवीय कार्य था। पंजाब के लोग बैसाखी के शुभ दिन जलियांवाला बाग, जो स्‍वर्ण मंदिर के पास है, ब्रिटिश शासन की दमनकारी नीतियों के खिलाफ अपना शांतिपूर्ण विरोध प्र‍दर्शित करने के लिए एकत्रित हुए। अचानक जनरल डायर अपने सशस्‍त्र पुलिस बल के साथ आया और निर्दोष निहत्‍थे लोगों पर अंधाधुंध गोलियां चलाई, तथा महिलाओं और बच्‍चों समेंत सैंकड़ों लोगों को मार दिया। इस बर्बर कार्य का बदला लेने के लिए बाद में ऊधम सिंह ने जलियांवाला बाग के कसाई जनरल डायर को मार डाला। प्रथम विश्‍व युद्ध (1914-1918) के बाद मोहनदास करमचन्‍द गांधी कांग्रेस के निर्विवाद नेता बने। इस संघर्ष के दौरान महात्‍मा गांधी ने अहिंसात्‍मक आंदोलन की नई तरकीब विकसित की, जिसे उसने "सत्‍याग्रह" कहा, जिसका ढीला-ढाला अनुवाद "नैतिक शासन" है। गांधी जो स्‍वयं एक श्रद्धावान हिंदु थे, सहिष्‍णुता, सभी धर्मों में भाई में भाईचारा, अहिंसा व सादा जीवन अपनाने के समर्थक थे। इसके साथ, जवाहरलाल नेहरू और सुभाषचन्‍द्र बो...