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प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना (PM Kisan Mandhan Yojana)

  इस योजना को किसान पेंशन योजना भी कहा जाता है | इस   किसान पेंशन योजना 2021  के अंतर्गत आवेदन करने वाले लाभार्थियों की आयु 18 से 40 वर्ष ही होनी चाहिए | केंद्र सरकार 2022 तक 5 करोड़ छोटे और सीमांत किसानो को इस योजना के अंतर्गत शामिल करेगी | इस  किसान मानधन योजना  का लाभ उन लाभार्थियों को भी दिया जायेगा जिसके पास 2 हेक्टेयर या इससे कम की कृषि योग्य भूमि होगी | इस योजना के तहत अगर लाभ प्राप्त करने वाले  लाभार्थी की किसी कारण वश मृत्यु हो जाती है तो लाभार्थी की पत्नी को प्रतिमाह 1500 रूपये दिए जायेगे | किसान पेंशन योजना  के अंतर्गत आवेदन करने वाले लाभार्थियों को हर महीने प्रीमियम भी देना होगा| 18 वर्ष की आयु वाले लाभार्थियों को हार महीने 55 रूपये के प्रीमियम का भुगतान करना होगा तथा 40 वर्ष की आयु वाले लाभार्थियों को 200 रूपये का प्रीमियम का भुगतान करना होगा | तभी वह इस योजना का लाभ 60 की आयु पूरी होने पर उठा सकते है |  प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना 2021  के तहत लाभार्थी का बैंक अकॉउंट होना चाहिए तथा बैंक अकॉउंट आधार कार्ड से लिंक होन...

Rajasthan RVUNL Various Post Recruitment 2021 AE/JE Post 1075

     Post Name  -        JE /AE     Post         -      1075      Application Begin   -  24/02/2021 Apply Online CLICK HERE  

जलियांवाला बाग नरसंहार (Jallianwala Bagh Massacre)

  जलियांवाला बाग नरसंहार - दिनांक 13 अप्रेल 1919 को जलियांवाला बाग में हुआ नरसंहार भारत में ब्रिटिश शासन का एक अति घृणित अमानवीय कार्य था। पंजाब के लोग बैसाखी के शुभ दिन जलियांवाला बाग, जो स्‍वर्ण मंदिर के पास है, ब्रिटिश शासन की दमनकारी नीतियों के खिलाफ अपना शांतिपूर्ण विरोध प्र‍दर्शित करने के लिए एकत्रित हुए। अचानक जनरल डायर अपने सशस्‍त्र पुलिस बल के साथ आया और निर्दोष निहत्‍थे लोगों पर अंधाधुंध गोलियां चलाई, तथा महिलाओं और बच्‍चों समेंत सैंकड़ों लोगों को मार दिया। इस बर्बर कार्य का बदला लेने के लिए बाद में ऊधम सिंह ने जलियांवाला बाग के कसाई जनरल डायर को मार डाला। प्रथम विश्‍व युद्ध (1914-1918) के बाद मोहनदास करमचन्‍द गांधी कांग्रेस के निर्विवाद नेता बने। इस संघर्ष के दौरान महात्‍मा गांधी ने अहिंसात्‍मक आंदोलन की नई तरकीब विकसित की, जिसे उसने "सत्‍याग्रह" कहा, जिसका ढीला-ढाला अनुवाद "नैतिक शासन" है। गांधी जो स्‍वयं एक श्रद्धावान हिंदु थे, सहिष्‍णुता, सभी धर्मों में भाई में भाईचारा, अहिंसा व सादा जीवन अपनाने के समर्थक थे। इसके साथ, जवाहरलाल नेहरू और सुभाषचन्‍द्र बो...