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सेन (The Senas)

 

पाल वंश के पतन के बाद सेन राजवंश ने बंगाल में शासन स्‍थापित किया। इस राजवंश के स्‍थापक सामंत सेन थे। इस राजवंश के महानतम शासक विजय सेन थे। उन्‍होंने पूरे बंगाल पर कब्‍जा किया और उनके बाद उनके पुत्र बल्‍लाल सेन ने राज किया। उनका शासन शांतिपूर्ण रहा किन्‍तु इसने अपने विचारधाराओं को समूचा बनाए रखा। वे एक महान विद्वान थे तथा उन्‍होंने ज्‍योतिष विज्ञान पर एक पुस्‍तक सहित चार पुस्‍तके लिखी। इस राजवंश के अंतिम शासक लक्ष्‍मण सेन थे, जिनके कार्यकाल में मुस्लिमों ने बंगाल पर शासन किया और फिर साम्राज्‍य समाप्‍त हो गया।


After the decline of the Palas, the Sena dynasty established its rule in Bengal. The founder of the dynasty was Samantasena. The greatest ruler of the dynasty was Vijaysena. He conquered the whole of Bengal and was succeeded by his son Ballalasena. He reigned peacefully but kept his dominions intact. He was a great scholar and wrote four works including one on astronomy. The last ruler of this dynasty was Lakshamanasena under whose reign the Muslims invaded Bengal, and the empire fell.

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